पेड़ काटने और पक्षियों को मारने वालो से जब भीड़ गए करणी सेना कार्यकर्ता पुलिस को करना पड़ा बीच बचाव
विदिशा। पशु चिकित्सा विभाग कार्यालय परिसर में अब बगुलों को बचाने के लिए वन विभाग ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन।...
पेड़ काटने की वजह से कई बंगलो की मौत होने के बाद उनका पीएम करा कर उन्हें दफनाया जाएगा।
शेष बगुलों को जो पेड़ पर मौजूद है या नीचे गिर कर घायल हुए हैं उनका बचाव और इलाज का कार्य भी किया गया शुरू।
वन्य प्राणी अधिनियम के तहत वन विभाग करेगा दोषियों पर कार्यवाही।
जीव जंतु बोर्ड के राष्ट्रीय सदस्य ने पशु चिकित्सा विभाग मैं मारे गए पक्षियों के मामले में लिया संज्ञान।
प्रदेश सरकार जिला प्रशासन को देंगे नोटिस।
घटना को बताया संवेदनशील, करेंगे सख्त कार्रवाई।
विदिशा के कोतवाली थाना अंतर्गत बरईपुरा क्षेत्र में उपसंचालक पशु चिकित्सा विभाग में पेड़ काटे जाने को लेकर और उसके बाद बड़ी संख्या में पक्षियों के मौत हो जाने के बाद जिला करणी सेना ने विभाग में आकर जोरदार प्रदर्शन किया और परिसर में ही धरना प्रदर्शन को बैठ गए प्रदर्शनकारियों का अधिकारियों से भी जमकर विवाद हुआ है जिसकी खबर लगते ही कोतवाली के टीआई और पुलिस बल मौके पर पहुंचा है पूरे मामले में करणी सेना द्वारा ज्ञापन दिया गया है जिसमें कलेक्टर ने एडीएम को जांच के आदेश दे दिए हैं तो दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारियों ने माना है कि उन्होंने नगरपालिका से परमिशन ली थी लेकिन वाइल्डलाइन को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना था इसको लेकर हम एफआईआर भी दर्ज करने जा रहे हैं वही टीआई कोतवाली ने कहा है कि कलेक्टर के आदेश अनुसार एडीएम की जांच में जो तथ्य आएंगे उसे पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शहर के बीचोबीच बरईपुरा क्षेत्र में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं का विभाग संचालित है यहां पीपल सहित अनेकों वृक्ष लगे हुए हैं जिन पर सैकड़ों की तादाद में पक्षियों का बसेरा है और विवाद की शुरुआत यहीं से हुई जब विभाग ने नगर पालिका से परमिशन लेकर विशाल पीपल के वृक्ष को कटवा दिया जिसमें सैकड़ों की तादाद में पक्षी रहते थे और पेड़ कटने के कारण और जमीन पर शाखाएं गिरने के कारण उसमें बड़ी मात्रा में पक्षियों की मौत हो गई जिसकी जानकारी करणी सेना को लगी तो करनी सेना ने विभाग में पहुंचकर जमकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया बात यहीं तक नहीं रही बल्कि प्रदर्शनकारियों ने अधिकारियों के कक्ष में प्रवेश कर उनसे जमकर तू-तू में की जिसकी जानकारी लगते ही पुलिस अमला घटनास्थल पर पहुंचा और प्रदर्शनकारियों को समझाएं देकर वहां से हटाया गया है।
प्रदर्शन कार्यों का आरोप है कि विभाग ने पर्यावरण की चिंता नहीं की और जिस पशु पक्षियों के नाम पर यह पशु चिकित्सालय जाना जाता है उन्हीं के द्वारा इस प्रकार कार्य निंदनीय है इसी को लेकर हम ज्ञापन सौंपने वाले हैं जब हमने अधिकारियों से बात की तो अधिकारी हमें धमकाते देखे गए कि तुमसे जो बनता है वह कर लो वही उपसंचालक पशु विभाग का कहना है कि हमने नगर पालिका से बाकायदा इसकी परमिशन ली थी तो दूसरी ओर फॉरेस्ट विभाग के अधिकारी का कहना है कि किसी भी कीमत में वाइल्ड लाइन को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए शहरी क्षेत्र है इसलिए इसमें फॉरेस्ट विभाग परमिशन नहीं देता है इसके लिए नगर पालिका सीएमओ द्वारा इन्हें परमिशन दी गई थी हम जांच कर रहे हैं और मृत पक्षियों का पोस्टमार्टम करवा रहे हैं तो वहीं जो शेष बचे हैं उनका रेस्क्यू कर रहे हैं टीआई कोतवाली का कहना है की पूरा प्रकरण कलेक्टर के संज्ञान में है उन्होंने एडीएम को जांच सौंप दी है और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
विदिशा के पशु चिकित्सा विभाग में पेड़ काटे जाने के बाद कई बगुलों की मौत हुई थी कई घायल है शेष कई बगुले अभी भी कटे हुए पेड़ों पर फंसे हुए हैं जिन्हें निकालने के लिए वन विभाग रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है.
वन विभाग के रेंजर ने बताया कि उनकी पूरी टीम यहां काम कर रही है जो पेड़ पर मौजूद है उन बगुलों को बचाने की कवायद की जा रही है जिन बगुलों की मौत हो चुकी है उनका पीएम कराकर उन्हें दफनाने की प्रक्रिया चल रही है साथ ही जो घायल है उन बगुलों का इलाज भी कराया जा रहा है। इस मामले में बगुलों की मौत हुई है वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जाएगी।
पशु चिकित्सा विभाग कार्यालय में बगुलो की मौत और अंडों के फूटने के मामले में जीव जंतु बोर्ड के राष्ट्रीय सदस्य राम रघुवंशी ने संज्ञान लिया है उन्होंने कहा कि मामला दुर्भाग्यपूर्ण है कोई अनजान व्यक्ति इस घटना को अन्जाम देते तो एक सामान्य घटनाक्रम हो सकता था लेकिन जिस प्रकार से एक समझदार पढ़ा लिखा व्यक्ति और खासतौर पर उस विभाग के जिम्मेदार जो इन्हें जीव-जंतुओं की रक्षा और सुरक्षा का काम करते हैं वह अगर इस प्रकार का काम करें तो बहुत ही निंदनीय है उन्होंने इस मामले में प्रदेश सरकार जिला प्रशासन को नोटिस देने की बात कही है.
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